उत्तर प्रदेश

महोबा

जनसंख्या:  8,75,958

मुख्यालय:  महोबा 

शहरी जनसंख्या:  1,84,999

ग्रामीण जनसंख्या:  6,90,959

तहसीलों की संख्या:  3

भौगोलिक क्षेत्रफल:  2,884 वर्ग किमी 

कभी चंदेल शासकों का प्रमुख केंद्र रहा यह क्षेत्र बुंदेलखंड के उन क्षेत्रों में शामिल है जहाँ इतिहास आज भी स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित महोबा की कहानी आल्हा-ऊदल की लोकगाथाओं से जुड़ी है, जिनकी वीरता का वर्णन आज भी बुंदेलखंड की लोकपरंपरा में किया जाता है।

महोबा की एक दिलचस्प विशेषता यहाँ के विशाल ऐतिहासिक सरोवर हैं। चंदेल शासकों द्वारा बनवाए गए मदन सागर और कीरत सागर उस दौर की जल-संरक्षण परंपरा की मिसाल हैं। यहाँ स्थित राहिलिया का प्राचीन सूर्य मंदिर महोबा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल है। 

महोबा का विशिष्ट देसावरी पान बुंदेलखंड की कृषि-संस्कृति से जुड़ा स्थानीय किसानों की पीढ़ियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। साथ ही महोबा जिले के गौरहारी गाँव के आसपास पाया जाने वाला गौरा पत्थर एक विशिष्ट सफेद पत्थर है, जो कारीगरों द्वारा पारंपरिक तकनीकों से मूर्तियाँ, धार्मिक प्रतिमाएँ, फूलदान और सजावटी वस्तुएँ बनाने के काम आता है। इस हस्तशिल्प और देसावरी पान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान तब मिला, जब इन्हें भौगोलिक संकेतक टैग प्रदान किया गया। 

कहानियाँ: महोबा

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