जनसंख्या: 12,21,592
मुख्यालय: ललितपुर
शहरी जनसंख्या: 1,75,378
ग्रामीण जनसंख्या: 10,46,214
तहसीलों की संख्या: 5
भौगोलिक क्षेत्रफल: 5,039 वर्ग किमी
ललितपुर जिले का इतिहास बुंदेला राजपूतों से जुड़ा हुआ है। 17वीं शताब्दी में ओरछा के राजा रुद्र प्रताप सिंह के वंशज बुंदेला राजपूतों ने चंदेरी राज्य की स्थापना की थी, जिसमें वर्तमान ललितपुर क्षेत्र भी शामिल था। वर्ष 1861 में बेतवा नदी के पश्चिमी भाग, जिसमें चंदेरी भी शामिल था, को ग्वालियर राज्य को वापस कर दिया गया तथा शेष क्षेत्र को ललितपुर जिला बनाया गया।
वर्ष 1891 में इसे झांसी जिले में मिला दिया गया और 1974 में पुनः स्वतंत्र जिले का दर्जा प्रदान किया गया। ललितपुर जिला ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है। यहां स्थित देवगढ़ अपने गुप्तकालीन दशावतार मंदिर एवं प्राचीन जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। पाली का नीलकंठेश्वर मंदिर चंदेलकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि पावागिरी और सीरोनजी जैन धर्म के प्रमुख एवं पवित्र अतिशय क्षेत्र (तीर्थस्थल) हैं।
कहानियाँ: ललितपुर
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