
जनसंख्या: 19,98,603
मुख्यालय: झाँसी
शहरी जनसंख्या: 8,33,484
ग्रामीण जनसंख्या: 11,65,119
तहसीलों की संख्या: 5
भौगोलिक क्षेत्रफल: 5,024 वर्ग किमी
‘बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार’ और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की भूमि झाँसी का इतिहास चंदेल शासकों, ओरछा के राजा वीर सिंह देव और मराठा शासन से जुड़ा रहा है। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन काल में झाँसी, छेदी राष्ट्र, जेजक भुकिट, झझोती और बुंदेलखंड क्षेत्र में से एक था । झांसी, चंदेल राजाओं का गढ़ रहा है । झाँसी का किला शहर की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है, जिसका निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह देव ने 1613 ईस्वी में करवाया था। वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष किया, जिसके कारण झाँसी भारतीय इतिहास में साहस, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक बन गया।
झाँसी की भौगोलिक स्थिति इसे बुंदेलखंड का एक प्रमुख केंद्र बनाती है। यह शहर पहूज और बेतवा नदियों के क्षेत्र में स्थित है तथा सड़क और रेल मार्गों के माध्यम से देश के अनेक प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
कहानियाँ: झाँसी
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