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जनसंख्या: 10,16,520
मुख्यालय: पन्ना
शहरी जनसंख्या: 1,25,335
ग्रामीण जनसंख्या: 8,91,185
तहसीलों की संख्या: 9
भौगोलिक क्षेत्रफल: 7,135 वर्ग किमी
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित पन्ना जिला अपनी अनूठी प्राकृतिक संपदा, समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। ‘हीरों की नगरी’ के नाम से पहचान रखने वाला पन्ना देश के प्रमुख हीरा-उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यहाँ का पन्ना टाइगर रिज़र्व बाघों और विविध वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आश्रयस्थल है। कभी बाघों की स्थानीय आबादी समाप्त होने के संकट से गुज़रा यह रिज़र्व वैज्ञानिक संरक्षण और बाघों के पुनर्स्थापन के प्रयासों से वन्यजीव संरक्षण की एक उल्लेखनीय मिसाल बन गया । दूसरी ओर केन नदी, पांडव जलप्रपात और प्राचीन मंदिर इसकी प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को और बढ़ाते हैं।
पन्ना का इतिहास भी उतना ही रोचक है। राजा छत्रसाल बुंदेला ने इसे अपनी राजधानी बनाया था, और आज भी यहाँ की ऐतिहासिक इमारतें तथा मंदिर बीते युगों की झलक दिखाते हैं।
वर्ष 2020 में पन्ना बायोस्फीयर रिज़र्व को यूनेस्को की वैश्विक सूची में शामिल किया गया, जिसने इसकी प्राकृतिक महत्ता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
कहानियाँ: पन्ना
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