
जनसंख्या: 12,64,219
मुख्यालय: दमोह
शहरी जनसंख्या: 2,50,551
ग्रामीण जनसंख्या: 10,13,668
तहसीलों की संख्या: 8
भौगोलिक क्षेत्रफल: 7,306 वर्ग किमी
एक ऐसा क्षेत्र जहाँ मिले पाषाणकालीन औज़ार यहाँ प्राचीन मानव गतिविधियों के प्रमाण देते हैं। दमोह बुंदेलखंड के मध्य में बसा क्षेत्र है जहाँ के इतिहास की परतें सदियों पुराने समय तक जाती हैं।
यहाँ की विरासत में चंदेल और कलचुरी काल की स्थापत्य कला की झलक मिलती है। नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर, लगभग 10वीं शताब्दी का शिव मंदिर, अपनी प्राचीन स्थापत्य शैली के लिए उल्लेखनीय है। वहीं, दमोह से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित कुंडलपुर जैन तीर्थ में भगवान आदिनाथ की विशाल पद्मासन प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।
सिंग्रामपुर के पास स्थित सिंगौरगढ़ किला रानी दुर्गावती के इतिहास से जुड़ा है, जबकि निदान कुंड का लगभग 100 फीट ऊँचा जलप्रपात इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को एक अलग पहचान देता है।
कहानियाँ: दमोह
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