उत्तर प्रदेश

बाँदा

जनसंख्या: 17,99,410

मुख्यालय: बांदा

शहरी जनसंख्या: 2,75,755

ग्रामीण जनसंख्या: 15,23,655

तहसीलों की संख्या: 5

भौगोलिक क्षेत्रफल: 4,408 वर्ग किलोमीटर

बांदा का इतिहास चंदेल, बुंदेला, मुगल और मराठा शासकों के दौर से जुड़ा रहा है। यहाँ स्थित कालिंजर का किला भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक किलों में से एक है, जो अपनी विशाल संरचना, प्राचीन मंदिरों, उत्कृष्ट शिल्पकला और नीलकंठ महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। भूरागढ़ का किला भी इस क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। बांदा की सबसे अनोखी पहचान यहाँ मिलने वाला शजर पत्थर है, जो अपनी प्राकृतिक आकृतियों और पेड़-पौधों तथा पत्तियों जैसी सुंदर संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस पत्थर से आकर्षक आभूषण और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। शजर पत्थर को उत्तर प्रदेश की एक जिला, एक उत्पाद योजना के अंतर्गत भी पहचान मिली है।

केन नदी इस क्षेत्र की प्रमुख नदियों में से एक है, जो यहाँ के प्राकृतिक पर्यावरण और जनजीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ऐतिहासिक धरोहरों, विशिष्ट शजर पत्थर, प्राचीन मंदिरों और बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपराओं के कारण बांदा बुंदेलखंड के उन क्षेत्रों में शामिल है, जो इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत की दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं।

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